'नारी शक्ति वंदन अधिनियम का नहीं होना चाहिए विरोध', सुमित्रा महाजन, कंगना और हेमा मालिनी का राहुल गांधी पर हमला

नई दिल्ली, 17 अप्रैल । 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संबोधन पर भाजपा सांसदों ने नाराजगी जताई है। वहीं, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि सभी दलों को मिलकर इस बिल को पास करना चाहिए, विपक्ष विरोध क्यों कर रहा है?

पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने पूरी बहस देखी है। आरक्षण का बिल पास हो गया है, लेकिन अब आरक्षण देने की बात आ रही है, सीटें बढ़ाई जा रही हैं, तो उसे अपनाना चाहिए। पांच साल बाद फिर इसे बदला जा सकता है। इसमें विरोध की क्या बात है? इसमें राजनीति नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को कोई अधिकार मिल रहा है, तो सबको मिलकर खुशी-खुशी इसे पास करना चाहिए। मेरा मानना है कि विरोध न हो, तो ज्यादा ठीक है। मेरा विश्वास है कि सभी मिलकर इसे पास करेंगे।

मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने राहुल गांधी के बयान पर कहा कि हर कोई गंभीरता से इस पर चर्चा कर रहा है और राहुल गांधी मजाक कर रहे हैं। वे गंभीर नहीं हैं।

संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा कि सब लोग इस मुद्दे पर गंभीरता से बोल रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी मजाक कर देते हैं। इससे सारी गंभीरता खत्म हो जाती है। वे लोग विरोध कर रहे हैं।

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि राहुल गांधी अपने बचपन के ट्रॉमा और मैजिक शो के बारे में बोल रहे थे। वह अपनी दादी द्वारा सुनाई गई कहानियों का जिक्र कर रहे थे। स्पीकर को उन्हें टोकना पड़ गया। जब अध्यक्ष ने कहा कि आप ये सब कहना बंद करिए, तो उन्होंने कहा कि आपको मजे आएंगे, आप मजे लीजिए। पूरा देश उन्हें देख रहा है और वे संसद भवन को मजाक बनाकर रख दिए हैं।

वहीं, कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि महिला आरक्षण को हम सभी मिलकर पहले ही पास कर चुके हैं, लेकिन अब इस विधेयक के नाम पर देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की कोशिश की जा रही है और परिसीमन करना चाहते हैं, यह सहमति के लायक नहीं है।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण दिखाकर वे परिसीमन लागू करना चाहते हैं, यह हमें मंजूर नहीं है। संसद में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने एक बार भी परिसीमन का जिक्र नहीं किया, जबकि यह बिल उसी से जुड़ा हुआ है। भाजपा अपने हिसाब से देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की कोशिश में है। ये सभी घबराए हुए हैं। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने इस बिल को देशद्रोही बताया।

Source: IANS

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