रक्षाबंधन केवल रक्षा-सूत्र नहीं, बहन-बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और

लखनऊ, 24 अगस्त । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अपने एक पत्र में कहा कि रक्षाबंधन भाई की कलाई पर बंधने वाला रक्षा-सूत्र मात्र नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और संकल्प का पावन पर्व है। यह पर्व परिवार को जोड़ता है, समाज में आत्मीयता लाता है तथा बहन-बेटियों के सम्मान, सुरक्षा एवं स्वाभिमान के प्रति अपने दायित्व का स्मरण कराता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'श्रावण पूर्णिमा' के पावन अवसर पर इस वर्ष 28 अगस्त को मनाया जाने वाला यह पर्व हमारे सनातन संस्कारों की इसी सुदृढ़ परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पर्व से जुड़ी कथाएं भी स्नेह और संरक्षण के इसी भाव को साकार करती हैं। लोक परंपरा में कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण की उंगली से रक्त बहता देख द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर बांध दिया। द्रौपदी के इस स्नेह का प्रत्युत्तर श्रीकृष्ण ने संकट के समय उनकी रक्षा करके दिया।

इसी प्रकार, राजा बलि को रक्षा-सूत्र बांधकर माता लक्ष्मी ने उन्हें अपना भाई बनाया और भगवान विष्णु को अपने साथ ले आईं। ये प्रसंग बताते हैं कि स्नेह केवल संबंध नहीं बनाता, वह दायित्व और संरक्षण का भाव भी जगाता है। योगी ने कहा कि आज जब नई पीढ़ी तकनीकी उन्नयन के साथ आगे बढ़ रही है, तब इन संस्कारों को अपने आचरण का अंग बनाना और विवेक, सद्भाव एवं सामाजिक एकता को महत्व देना पहले से अधिक आवश्यक है। यही संस्कार हमारे परिवारों को सुदृढ़ करते हैं, समाज को एकजुट रखते हैं और संविधान की प्रस्तावना में निहित समानता, बंधुता और सामाजिक समरसता के भाव को सशक्त करते हुए राष्ट्र को शक्ति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा का यही भाव एक संवेदनशील सरकार के संकल्प में भी दिखाई देता है। हमारी सरकार ने विगत साढ़े नौ वर्षों में बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मिशन शक्ति तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और प्रगति को गति दी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह और निराश्रित महिला पेंशन योजना से सामाजिक सुरक्षा मिली है। महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर वर्ष 2017 से प्रारंभ की गई माताओं-बहनों के लिए निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा इस वर्ष भी 27 से 29 अगस्त तक मिलेगी। इससे सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए आग्रह किया कि रक्षा-सूत्र के संकल्प को अपने आचरण का हिस्सा बनाएं। प्रत्येक बहन-बेटी के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लें। सुरक्षाबल, पुलिसकर्मियों और आपदा राहत कर्मियों को रक्षा-सूत्र बांधकर उनके प्रति अपनत्व और कृतज्ञता प्रकट करें।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्मित राखियों एवं उपहारों को प्राथमिकता दें। आपका यह प्रयास स्थानीय श्रम, कौशल और उद्यम को प्रोत्साहन देगा तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को और सुदृढ़ करेगा।

Source: IANS

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