धर्म - पेज 31
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चैत्र नवरात्र में दूब घास की महत्ता बढ़ जाती है क्योंकि बिना दूब घास के मां जगदम्बा का पूजन भी अधूरा है।
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देवभूमि उत्तराखंड के कनखल में स्थित दक्षेश्वर महादेव का मंदिर बहुत ही खास है। इसे भगवान शिव का ससुराल भी कहा जाता है क्योंकि माता सती का मायका यहीं था।
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नवरात्र के नौ दिनों में पूजी जाने वाली नवदुर्गा केवल आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे हमारे जीवन में स्वास्थ्य और संतुलन का भी संदेश देती हैं।
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ईद-उल-फितर के जश्न के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, क्योंकि इस त्योहार से पहले, रमजान के आखिरी दिन नमाज अदा करने के लिए नमाजी इकट्ठा हुए।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान शुक्रवार को राष्ट्रपति वृंदावन पहुंची, जहां उन्होंने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की।
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मिडिल ईस्ट में चल रहे भीषण संघर्ष का असर दुनिया के अन्य क्षेत्रों में भी दिख रहा है। हमलों को अगर नहीं रोका गया, तो इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप में देखने को मिलेगा।
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होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन सावधानी न बरतने पर यह आपकी त्वचा के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है।
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साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है, जिस वजह से देश के सभी मंदिरों में दर्शन बंद रहेंगे। इसको लेकर अयोध्या प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने पहले ही सभी श्रद्धालुओं को जानकारी दे दी है, जिससे असुविधा न हो।
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होली का त्योहार नजदीक है, लेकिन ब्रज में यह पर्व एक दिन का नहीं, बल्कि आस्था और परंपराओं से भरा एक भव्य उत्सव है, जो बसंत पंचमी से शुरू होकर लगभग 40 दिनों तक विभिन्न पारंपरिक तरीकों से मनाया जाता है।
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ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि ग्रहण की सूतक अवधि कब से कब तक रहेगी और इस दौरान किन जरूरी सावधानियों को बरतना जरूरी है।
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