'कम से कम एक बार और लौटना चाहता हूं', विंबलडन सेमीफाइनल में मिली हार

लंदन, 11 जुलाई । नोवाक जोकोविच को विंबलडन के पुरुष एकल के दूसरे सेमीफाइनल में शुक्रवार को दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जैनिक सिनर के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, जोकोविच ने संन्यास की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा है कि वह विंबलडन में कम से कम एक बार और लौटना चाहेंगे।

जोकोविच ने कहा कि वह अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब को जीतने की कोशिश जारी रखेंगे। सात बार के चैंपियन जोकोविच का 39वीं बार ग्रैंड स्लैम के सिंगल्स फाइनल में खेलने का सपना पूरा नहीं हो सका। सर्बिया के स्टार खिलाड़ी को सिनर ने 6-4, 6-4, 6-4 से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई।

पूरे मुकाबले में सिनर ने शानदार खेल दिखाया और जोकोविच को वापसी का मौका नहीं दिया। मैच खत्म होने के बाद जब जोकोविच सेंटर कोर्ट से बाहर निकले तो दर्शकों ने खड़े होकर उनके लिए तालियां बजाईं। इसके तुरंत बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि जोकोविच ने शायद विंबलडन में अपना आखिरी मैच खेल लिया है।

हालांकि, जोकोविच ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, "मैं कम से कम एक बार और विंबलडन में खेलना चाहता हूं। आगे क्या होगा, यह समय बताएगा।" 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी ने माना कि यह हार निराशाजनक रही, लेकिन इससे उनका हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अब भी विंबलडन जीतना है और इसी वजह से वह लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं निश्चित रूप से निराश हूं क्योंकि मैं यह टूर्नामेंट जीतना चाहता था। यही कारण है कि मैं खुद को लगातार बेहतर बनाने के लिए मेहनत करता हूं।"

जोकोविच ने इस टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन के सकारात्मक पहलुओं पर भी बात की। उन्होंने खास तौर पर क्वार्टर फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे के खिलाफ मिली जीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस मुकाबले ने यह साबित कर दिया कि वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ जीत दर्ज करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे अपने प्रदर्शन पर गर्व है। मैंने खुद को और बाकी लोगों को दिखाया कि मैं अब भी सबसे ऊंचे स्तर पर खेल सकता हूं।"

जोकोविच ने यह भी स्वीकार किया कि सेमीफाइनल में वह अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सके। उन्होंने कहा कि सिनर ने शानदार प्रदर्शन किया और जीत के पूरी तरह हकदार थे। जोकोविच के अनुसार, हार का दुख जरूर है, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका रवैया, संघर्ष और समर्पण सकारात्मक रहा। उन्होंने कहा, "आज मैं अपने मनचाहे स्तर का खेल नहीं दिखा पाया। इसका थोड़ा अफसोस रहेगा, लेकिन अब आगे बढ़ने का समय है।"

24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच का आखिरी बड़ा खिताब पिछले साल यूएस ओपन में आया था। अब उनकी नजर इस साल होने वाले यूएस ओपन पर होगी, जहां वह रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की कोशिश करेंगे। अगर वह यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में मार्गरेट कोर्ट से आगे निकल जाएंगे।

जोकोविच ने यह भी कहा कि वह किसी दबाव में नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ इसलिए कोर्ट पर उतरते हैं, क्योंकि उन्हें अब भी टेनिस से प्यार है और उन्हें भरोसा है कि वह शीर्ष खिलाड़ियों के साथ मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मुझ पर खेलने का कोई दबाव नहीं है। मैं इसलिए खेलता हूं क्योंकि मैं खेलना चाहता हूं। मुझे विश्वास है कि मैं आज भी दुनिया के टॉप-10 और टॉप-5 खिलाड़ियों के स्तर का टेनिस खेल सकता हूं।"

Source: IANS

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