एशियन गेम्स: रोशिबिना देवी ने वुशु में देश को दिलाया सिल्वर मेडल
जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को भारतीय दल की शुरुआत शानदार रही है।

नोगोया, 24 सितंबर । जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को भारतीय दल की शुरुआत शानदार रही है। रोशिबिना देवी ने वुशु में देश को सिल्वर मेडल दिलाया है।
रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। रोशिबिना को फाइनल में चीन की झांग शियाओयू से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और परिणामस्वरूप उन्हें सिल्वर मेडल (रजत पदक) से संतोष करना पड़ा। झांग ने टाइटल बाउट में दबदबा बनाया, दोनों राउंड 5-0 से जीतकर मुकाबला कुल मिलाकर 10-0 से अपने नाम कर लिया।
रोशिबिना का एशियन गेम्स में यह तीसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने 17 साल की उम्र में 2018 जकार्ता-पालेमबांग गेम्स में ब्रॉन्ज और हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में रजत पदक जीता था।
25 साल की इस मणिपुरी एथलीट ने वुशु के कॉम्बैट-स्पोर्ट डिसिप्लिन, सांडा के उसी वेट डिवीजन में दूसरी बार सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने पहले क्वार्टर फाइनल में मकाओ की चू मान सिन को 5-0 से हराकर मेडल पक्का किया था। वुशु की सांडा श्रेणी में सेमीफाइनलिस्ट को कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का होता है। रोशिबिना 2022 में अपने परफॉर्मेंस को बेहतर करना चाहती थीं। उन्होंने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन आखिर में गोल्ड मेडल के मुकाबले में चीन की झांग शियाओयू से 0-2 से हार गईं।
एक साल पहले घुटने की चोट की वजह से बाहर हुईं रोशिबिना ट्रायल्स में दिव्यांशी चौधरी से हार गई थीं और इस वजह से 22 अगस्त को खेल मंत्रालय से मंजूर भारत की सात सदस्यों वाली वुशु टीम में जगह बनाने से चूक गईं। दिव्यांशी को महिलाओं की 60 किग्रा सांडा कैटेगरी में चुना गया था। हालांकि, उन्हें थोड़ा हाई-ग्रेड एसीएल टियर हुआ, जिसके कारण वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उनकी जगह रोशिबिना को चुना।
रोशिबिना का इरादा इस बार अपने पदक का रंग बदलना था, लेकिन उसमें वह सफल नहीं रहीं। हालांकि, लगातार दूसरे एशियन गेम्स में रजत पदक जीतना उनकी क्षमता को दिखाता है। निश्चित रूप से देश को उनके प्रदर्शन पर गर्व है।
Source: IANS

