'इतिहास रच दिया गया', वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश खिताब जीतने पर मनसुख मांडविया ने दी अनाहत को बधाई

नई दिल्ली, 26 जुलाई । केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने शनिवार को कनाडा के ओंटारियो में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने पर युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह की तारीफ की है।

18 वर्षीय अनाहत सिंह ने नियाग्रा-ऑन-द-लेक में वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर व्यक्तिगत चैंपियनशिप में महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर इतिहास रचा। वर्ल्ड नंबर 20 और टॉप सीड खिलाड़ी ने महिलाओं के फाइनल में मिस्र की दूसरी सीड खिलाड़ी रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर अपने करियर का अब तक का सबसे बड़ा खिताब जीता।

खेल मंत्री ने अनाहत की तारीफ करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इतिहास रच दिया गया। वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर अनाहत सिंह को बधाई। यह एक शानदार उपलब्धि और हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।" इस जीत के साथ ही 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद महिला जूनियर फाइनलिस्ट के लिए भारत का 21 साल का इंतजार खत्म हो गया और इस खिताब पर मिस्र का 13 साल का कब्जा भी टूट गया। स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया है, क्योंकि स्क्वैश अब 2028 ओलंपिक में शामिल होने जा रहा है।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक पोस्ट में कहा, "भारतीय स्क्वैश के इतिहास में एक नया अध्याय। अनाहत सिंह ने 2026 वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के महिला सिंगल्स फाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 3-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस शानदार उपलब्धि के साथ, अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। यह भारतीय स्क्वैश के लिए एक यादगार पल है और यह उपलब्धि चैंपियंस की एक नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी। बधाई हो, अनाहत।"

अनाहत 2010 में अमांडा सोभी (अमेरिका) के बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी बन गई हैं। शनिवार को खिताब जीतकर उन्होंने मिस्र के खिलाड़ियों के 13 साल से चले आ रहे जीत के सिलसिले को भी तोड़ दिया है।अनाहत ने महिला सिंगल्स फाइनल की शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया।

उन्होंने शुरू से बढ़त बनाए रखी और मिस्र की खिलाड़ी को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया। बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अनाहत ने यह मुकाबला जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। इससे पहले, शुक्रवार को सेमीफाइनल में अनाहत ने मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में हराकर 21 साल बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया था।

Source: IANS

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