वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप: भारतीय पुरुष टीम को ब्रॉन्ज से करना पड़ा संतोष, सेमीफाइनल में अमेरिका ने मारी बाजी

ओंटारियो, 31 जुलाई । वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर टीम चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम को लगातार दूसरी बार ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। सेमीफाइनल में भारतीय टीम को अमेरिका के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा।

शुरुआती कड़े मुकाबले में गुरवीर सिंह को ब्रेंडन टैग्लियारिनी ने 7-11, 12-10, 9-11, 7-11 से हराया, जबकि नंबर 1 खिलाड़ी आर्यवीर दीवान को यासीन शलाबी ने 5-11, 7-11, 5-11 से हराकर भारतीय टीम के सफर को टूर्नामेंट में समाप्त कर दिया। हालांकि, यह पहली बार है जब किसी भारतीय टीम ने वर्ल्ड जूनियर टीम प्रतियोगिता में लगातार मेडल जीते हैं। पिछले सीजन भी भारतीय पुरुष टीम ने ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाया था।

शुरुआती मैच में, अपना 17वां जन्मदिन मना रहे टैग्लियारिनी ने गुरवीर के खिलाफ 2-1 से पिछड़ने के बाद वापसी की और अमेरिका को शुरुआती बढ़त दिलाई। उन्होंने 11-7, 9-11, 6-11, 11-7, 11-3 से जीत हासिल की। अमेरिका के पक्ष में मोमेंटम होने के कारण, नंबर 1 खिलाड़ी शलाबी ने दूसरे मैच में तेज शुरुआत की और आर्यवीर पर 3-0 से जीत के साथ टाई और फाइनल में जगह पक्की कर ली।

मैच के बाद टैग्लियारिनी ने कहा, "मैंने पूरी ताकत से मुकाबला किया और उन्होंने मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के लिए प्रेरित किया। मैं बस खुद से कहता रहा कि मैं यह कर सकता हूं और मेरे कोच निक टेलर ने इसमें मेरी मदद की। टीम के लिए जीत हासिल करना बहुत अच्छा लग रहा है।" वहीं, आर्यवीर दीवान के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद यासीन शलाबी ने कहा, "यह अद्भुत है, भारत एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी है। उन्होंने कल इंग्लैंड को हराया था और उनमें यह साबित करने की काबिलियत है कि वे क्यों सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक हैं।"

अमेरिकी खिलाड़ी ने आगे कहा, "मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मैं अपने साथियों और दोस्तों के साथ मिली इस जीत से बहुत खुश हूं, क्योंकि उनके बिना यह संभव नहीं होता। हम सब एक-दूसरे का समर्थन करते हैं और सच में एक बहुत अच्छी टीम हैं।" पुरुषों के फाइनल मुकाबले में अब अमेरिका की भिड़ंत मिस्र से होगी।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement