फ्रांसीसी युद्धपोत होर्मुज की ओर बढ़ा, बहुराष्ट्रीय मिशन का मैक्रों

पेरिस, 7 मई । फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि न्यूक्लियर-पावर्ड विमान वाहक चार्ल्स डी गॉल स्वेज नहर के दक्षिण और लाल सागर होते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहा है। इसकी तैयारी संभावित रक्षा मिशन के लिए की जा रही है, जिसका उद्देश्य जलमार्गों में सुरक्षित नौवहन बहाल करना बताया गया है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बहुराष्ट्रीय मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके अनुसार यह मिशन पूरी तरह रक्षात्मक होगा और केवल युद्ध समाप्त होने के बाद ही तैनात किया जाएगा।

मैक्रों ने एक्स पर कहा, “इससे जहाज मालिकों और बीमा कंपनियों के बीच भरोसा वापस लाने में मदद मिल सकती है। यह लड़ाई में शामिल पार्टियों से अलग है।”

बुधवार को ही मैक्रों ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भी उठाना चाहते हैं।

मैक्रों ने लिखा, “स्ट्रेट में शांति लौटने से न्यूक्लियर मुद्दों, बैलिस्टिक मामलों और इलाके के हालात पर बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यूरोप, अपनी भूमिका निभाएगा।”

यह घोषणा ऐसे समय में की गई जब तेहरान ने कहा कि वह अमेरिका के एक प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, जिसके बारे में ट्रंप का कहना है कि इससे संघर्ष खत्म हो सकता है।

ट्रंप ने बुधवार को बातचीत में प्रगति का संकेत देते हुए धमकी दी कि अगर तेहरान ने अमेरिका का प्लान नहीं माना तो वह बमबारी फिर से शुरू कर सकते हैं।

वहीं, फ्रांस के विदेश मंत्री जेन-नोएल बारो ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहने तक ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध जारी रहेंगे। उन्होंने कहा, “जब तक होर्मुज अवरुद्ध है, किसी भी प्रकार के प्रतिबंध हटाने का सवाल ही नहीं उठता। इसे रोका नहीं जा सकता, टोल वसूली या बंधक बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।”

बारो ने कहा कि यूरोप को ऐसे संसाधनों पर निर्भरता कम करनी होगी जो उसे अप्रत्याशित युद्ध और संकटों में फंसा देते हैं। उन्होंने ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता कम करने और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Source: IANS

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