भारत ने ईरान में मौजूद भारतीयों को दी जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह, युद्धविराम का स्वागत किया

नई दिल्ली, 8 अप्रैल। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बावजूद, भारत ने बुधवार को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को सलाह दी कि वे जल्द से जल्द देश छोड़ दें। भारत ने अपने नागरिकों को ईरान में स्थित दूतावास के बताए रास्तों का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया है।

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक एडवाइजरी में कहा, "7 अप्रैल की एडवाइजरी के क्रम में और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे दूतावास के साथ तालमेल बिठाकर और दूतावास की ओर से सुझाए गए रास्तों का इस्तेमाल करके जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें।"

भारतीय दूतावास ने आगे कहा, "यह फिर से दोहराया जाता है कि दूतावास से पहले से सलाह और तालमेल किए बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय जमीनी सीमा तक पहुंचने की कोई कोशिश नहीं की जानी चाहिए।" एडवाइजरी में दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर भी शेयर किए हैं।

हालांकि, एक ताजा पोस्ट में भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम का स्वागत किया। इसके साथ ही, उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी।

पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम पर विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार जोर दिया है, मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति बेहद जरूरी हैं। इस संघर्ष ने लोगों को पहले ही भारी कष्ट पहुंचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आवागमन की अबाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।"

यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौता होने के महज कुछ घंटों बाद सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष-विराम समझौते के तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्ते के लिए सशर्त रोकने की घोषणा की। उन्होंने इस कदम को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने के प्रयासों से जोड़ा।

ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा।

Source: IANS

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