जयशंकर ने उर्सुला वॉन डेर लेयेन से की मुलाकात, भारत-ईयू रिश्तों को मजबूत करने पर जोर

ब्रुसेल्स, 16 मार्च। विदेश मामलों के मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को बेल्जियम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की। इस वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया और यूक्रेन में हाल की घटनाओं पर चर्चा की गई। व‍िदेश मंत्री जयशंकर ने लेयेन के समकालीन वैश्विक घटनाओं पर दृष्टिकोण की सराहना की। 

मंत्री जयशंकर ने सोशल मीड‍िया अकाउंट 'एक्‍स' पर पोस्ट कर उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने ल‍िखा, "यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से आज दोपहर मिलना खुशी की बात थी। इस जनवरी में उनका भारत का अत्यंत सफल राज्य दौरा हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हम इसके फॉलो-अप पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उनके समकालीन वैश्विक घटनाओं पर विचारों की सराहना करता हूं।"

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) और सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी के कुशल क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि दोनों देशों के लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके।

उन्होंने सोशल मीड‍िया अकाउंट 'एक्‍स' पर लिखा, "आज एस. जयशंकर के साथ अच्छी बैठक हुई। जनवरी में ईयू-इंड‍िया शिखर सम्मेलन में हमने अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए।"

उन्होंने आगे कहा, "अब हम इसके कुशल क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि यूरोप और भारत के लोगों के लिए जल्द से जल्द लाभ पहुंच सके। हमने मध्य पूर्व और यूक्रेन की घटनाओं पर भी चर्चा की। शांति, स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा हमारे साझा लक्ष्य हैं।"

व‍िदेश मंत्री जयशंकर बेल्जियम में दो दिवसीय यात्रा पर हैं, जो ईयू की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कालास के निमंत्रण पर है, ताकि 27 ईयू सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों से विदेश मामलों की परिषद की बैठक में बातचीत की जा सके।

विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, "इस यात्रा के दौरान व‍िदेश मंत्री यूरोपीय संघ के नेतृत्व और बेल्जियम सहित अन्य ईयू सदस्य देशों के अपने समकक्षों से भी मुलाकात करेंगे। व‍िदेश मंत्री की यह यात्रा हाल ही में हुए ऐतिहासिक 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के बाद हो रही है और इससे भारत और यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा होने की उम्मीद है।"

27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर की घोषणा की, यह बताते हुए कि यह ऐतिहासिक साझेदारी दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के व्यवसाय, उपभोक्ताओं और कुशल कार्यबल के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगी।

Source: IANS

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