जी-7 की बैठक से पहले राष्ट्रपति ट्रंप को जर्मन चांसलर मर्ज ने खास तोहफे के साथ दी जन्मदिन की बधाई

एवियन, 16 जून । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 14 जून को 80 साल के हो गए। ऐसे में जी-7 की बैठक शुरू होने से पहले जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिकी राष्ट्रपति को जन्मदिन का खास तोहफा दिया।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को एक जर्मनी सॉकर जर्सी गिफ्ट किया, जिसके पीछे नंबर 47 और 'ट्रंप' लिखा है। चांसलर मर्ज ने यह तोहफा अमेरिकी राष्ट्रपति को मंगलवार को जी-7 नेताओं की बैठक में दिया। इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी मौजूद रहे।

औपचारिक तौर पर बैठक के शुरू होने से पहले जर्मन चांसलर मर्ज ने अपनी सीट से गिफ्ट उठाया और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सीट पर जाकर उन्हें दिया। मर्ज ने गिफ्ट को ऊपर उठाकर जर्सी नंबर और राष्ट्रपति का नाम भी ट्रंप को दिखाया।

वहीं, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को जन्मदिन की बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कीं और लिखा, 80वें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई ट्रंप। आखिर हम एक ही टीम में हैं। इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एवियन में स्वागत किया।

पश्चिम एशिया में हाल के समय से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सहयोगी देशों को लेकर जिस तरह से टिप्पणी की है, उसे लेकर यूरोपीय देशों के नेताओं में काफी नाराजगी है। ऐसे में जी-7 में ट्रंप की मौजूदगी पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार को यहां पहुंचे। मिडिल ईस्ट में इस वर्ष फरवरी से जारी तनाव के बीच आखिरकार अमेरिका और ईरान ने एक शांति समझौते पर सहमति जताई है। फरवरी से अब तक पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों तथा रुख को देखते हुए, इस समय वैश्विक समुदाय की निगाहें इस शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं।

पिछले कुछ महीनों के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जी-7 के कई सहयोगी देशों के प्रति अपनाए गए कड़े और तल्ख रुख के कारण पुराने मतभेद एक बार फिर उभर आए हैं। हाल के दिनों में उनके बयानों ने उन वैश्विक नेताओं के साथ भी वैचारिक टकराव की स्थिति पैदा कर दी है, जिनके साथ उनके संबंध पहले काफी बेहतर और सम्मानजनक हुआ करते थे।

दरअसल, ट्रंप की इस नाराजगी की वजह ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल संघर्ष में अमेरिका के सहयोगियों की शामिल न होने की इच्छा है। हालांकि, असल में जी-7 के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के संबंध सालों से खराब रहे हैं। इसकी शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल के दौरान तनाव भरे समिट से शुरू हुई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस साल के समिट के होस्ट फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को सबसे लंबे समय से जानते हैं। हालांकि, हाल के समय में मैक्रों को लेकर ट्रंप की टिप्पणी ने दोनों नेताओं के बीच के समीकरण को बदला है। हाल के समय में ट्रंप कभी मैक्रों पर टिप्पणी करते नजर आए तो कभी व्यक्तिगत तौर पर मैक्रों की शादी को लेकर टिप्पणी की। ऐसे हालात में मैक्रों हाल के समय में अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ ज्यादा नाराज दिखे। ऐसे में जी-7 में ट्रंप के साथ अन्य देशों के रुख पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

Source: IANS

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