होर्मुज स्‍ट्रेट में ‘शुल्‍क वसूली’ नेटवर्क पर अमेरिका का शिकंजा, ईरान की दो कंपनियों पर प्रतिबंध

वॉशिंगटन, 29 जुलाई । अमेरिका ने ईरान की दो समुद्री सेवा कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। वॉशिंगटन का आरोप है कि ये कंपनियां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीस) के समर्थन से एक बीमा योजना चला रही थीं, जिसके जरिए होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से पैसे वसूले जाते थे।

अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने उन आठ कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं जो ऐसे तेल टैंकर चलाती हैं जिन पर आरोप है कि उन्होंने लाखों बैरल ईरानी कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद, मुख्य रूप से चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचाए।

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने इन दो ईरानी संस्थाओं की पहचान पर्शियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी और होर्मुजसेफ मरीन सर्विसेज अथॉरिटी के रूप में की है। विभाग का कहना है कि ये कंपनियां जहाजों से सुरक्षा कवरेज के नाम पर शुल्क लेती थीं, जबकि जिन जोखिमों से सुरक्षा देने का दावा किया जाता था, उनमें से कई जोखिम खुद ईरान की कार्रवाइयों से पैदा होते थे।

विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, “ये संस्थाएं पहले जहाजों को जब्त किए जाने जैसे जोखिम पैदा करती हैं, और फिर उन्हीं खतरों से सुरक्षा देने के लिए व्यापारिक जहाजों से पैसे वसूलती हैं। इससे मिलने वाला पैसा आईआरजीसी की गतिविधियों और क्षेत्र में ईरान की व्यापक अस्थिरता फैलाने वाली नीतियों को सहारा देता है।”

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का इस्तेमाल करके आईआरजीसी के लिए धन जुटाने से रोकना है।

बेसेंट ने कहा, “ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह दबाव में है और महंगाई बहुत ऊंचे स्तर पर है, इसलिए शासन को पैसों की सख्त जरूरत है। अमेरिका यह नहीं होने देगा कि ईरान वैश्विक व्यापार को बंधक बनाए या अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का इस्तेमाल करके आईआरजीसी की आतंकवादी गतिविधियों, आक्रामकता और दमन को वित्तीय मदद दे।”

ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, पर्शियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी ऐसे बीमा पॉलिसियों की दलाली करती है जिन्हें आईआरजीसी समर्थित पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी मंजूरी देती है। इस अथॉरिटी पर मई में आईआरजीसी का समर्थन करने के आरोप में प्रतिबंध लगाए गए थे।

होर्मुजसेफ जहाजों के लिए बीमा, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विज्ञापन करती है। ट्रेजरी का कहना है कि यह कंपनी पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने की कोशिश के तहत बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्तियों को भी भुगतान के रूप में स्वीकार करती है।

ताजा कार्रवाई में चीन, हांगकांग और मार्शल आइलैंड्स में स्थित कंपनियां भी शामिल हैं। इन कंपनियों से जुड़े आठ तेल टैंकर बारबाडोस, मोजाम्बिक, वनुआतु और मार्शल आइलैंड्स के झंडे तले चलते हैं, जबकि एक जहाज का झंडा स्पष्ट नहीं है।

इन जहाजों के नाम हैं वेल सेल, लिली, अल सल्मी, ब्रीज-वी, नत्सुमी, क्रिस्टल, निरेटा और येहोप हैं। ट्रेजरी का आरोप है कि इन जहाजों ने 2022 से 2026 के बीच ईरानी तेल या पेट्रोलियम उत्पाद चीन और यूएई तक पहुंचाए।

विदेश विभाग ने कहा कि ये जहाज ईरान के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा हैं। उसका कहना है कि तेहरान इस नेटवर्क का इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने के लिए करता है। विभाग ने यह भी कहा कि ये नई कार्रवाई ईरानी बंदरगाहों और तटरेखा पर अमेरिकी नौसेना की ओर से किए जा रहे प्रतिबंधों के प्रवर्तन का समर्थन करती है। वॉशिंगटन इस साल अब तक ईरान के शैडो फ्लीट से जुड़े 100 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है।

Source: IANS

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