यूक्रेन ने दी चेतावनी, बड़े हमले की तैयारी में रूस

वॉशिंगटन, 31 मई । यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि रूस आने वाले दिनों में ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए बड़ा हमला कर सकता है। उन्होंने अमेरिका से यूक्रेन के लिए वायु रक्षा प्रणालियों और इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति तथा उत्पादन बढ़ाने की अपील की है।

सीबीएस न्यूज के कार्यक्रम 'फेस द नेशन विद मार्गरेट ब्रेनन' को दिए एक साक्षात्कार में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों और पश्चिमी सहयोगी देशों से मिली जानकारी के अनुसार निकट भविष्य में रूस के बड़े हमले की आशंका है।

उन्होंने कहा, "आज रात या फिर कल रात बड़े हमले की संभावना काफी अधिक है। हालांकि कोई भी 100 प्रतिशत निश्चितता के साथ नहीं कह सकता।" उन्होंने यूक्रेनी नागरिकों से बम शेल्टरों का उपयोग करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की।

जेलेंस्की ने बताया कि रूस लगातार हमले कर रहा है और हाल ही में युद्ध के सबसे बड़े हमलों में से एक को अंजाम दिया गया। उनके अनुसार उस हमले में लगभग 600 ड्रोन और 30 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था।

उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों से रक्षा करने वाली प्रणालियों की कमी यूक्रेन की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी संबंध में उन्होंने व्हाइट हाउस और संयुक्त राज्य कांग्रेस को पत्र लिखकर अतिरिक्त सहायता की मांग की है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि समस्या अब केवल वित्तीय संसाधनों की नहीं, बल्कि उत्पादन क्षमता की भी है। उनका कहना है कि मौजूदा उत्पादन स्तर वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

जेलेंस्की ने एक बार फिर अमेरिका से यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल प्रणाली के मिसाइल घटकों के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन की अनुमति देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे यूक्रेन अपनी रक्षा क्षमताओं को काफी मजबूत कर सकेगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस पड़ोसी देशों में ड्रोन घटनाओं के जरिए नाटो की प्रतिक्रिया को परखने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से रोमानिया और यूक्रेन की सीमा से लगे अन्य देशों का उल्लेख किया।

कूटनीतिक प्रयासों पर बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन मॉस्को को गंभीर वार्ता के लिए मजबूर करने के लिए और कड़े प्रतिबंधों की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि रूस के तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में हालिया ढील से रूस के युद्ध प्रयासों को अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिल रही है और इससे उसकी रक्षा उद्योग को लाभ पहुंच रहा है।

जेलेंस्की ने रूस पर हजारों यूक्रेनी बच्चों को जबरन ले जाने का आरोप भी दोहराया। उनके अनुसार यूक्रेन ने करीब 20,000 बच्चों की पहचान की है, जिनमें से लगभग 2,200 को अब तक वापस लाया जा सका है।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि यूक्रेन यूरोपीय और मध्य-पूर्वी देशों के साथ ड्रोन प्रौद्योगिकी साझेदारी पर काम कर रहा है और अमेरिका के साथ भी एक बड़े समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहा है। उनका मानना है कि अमेरिकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कंपनियों और यूक्रेनी युद्धक्षेत्र नवाचारों का सहयोग दुनिया में सबसे शक्तिशाली साझेदारी साबित हो सकता है।

गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। यह संघर्ष द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे बड़ा युद्ध माना जा रहा है, जिसमें दोनों पक्षों को भारी सैन्य क्षति हुई है और यूक्रेन में व्यापक तबाही हुई है। साथ ही पश्चिमी देशों ने कीव को बड़े पैमाने पर सैन्य और वित्तीय सहायता प्रदान की है।

Source: IANS

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