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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आने वाली जून मौद्रिक नीति कमेटी (एमसीसी) में रेपो रेट को स्थिर रख सकता है। वहीं, कमजोर रुपया और कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के कारण महंगाई में इजाफा होने की संभावना के चलते आउटलुक और अधिक आक्रामक होने की उम्मीद है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली और मुंबई में वेदांता समूह से जुड़े दो ठिकानों पर तलाशी ली है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सरकार थोक मूल्य सूचकांक यानी होलसेल प्राइस इंडेक्स (डब्ल्यूपीआई) के आधार वर्ष को बदलकर 2022-23 करने जा रही है। इसके साथ ही उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (पीपीआई) भी लॉन्च करने जा रही है, जिसे भारत की महंगाई मापने की प्रणाली को आधुनिक और अधिक सटीक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।।
सीबीआई ने एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह को 6,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान पहुंचाने के आरोप में रिलायंस कम्युनिकेशन ग्रुप के शीर्ष अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी सोमवार को सीबीआई द्वारा जारी एक बयान में दी गई।
भारत का वित्त वर्ष 26 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत रहा है। यह केंद्र द्वारा तय अवधि के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप है।
भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 508.40 अंक या 0.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,267.34 और निफ्टी 165.15 अंक या 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,382.60 पर बंद हुआ।
सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद मई में सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।।
नया महीना शुरू होने के साथ ही 1 जून से आम लोगों की रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनमें यूपीआई भुगतान प्रणाली की सुरक्षा बढ़ाने, एटीएम निकासी नियमों में बदलाव, पैन कार्ड से जुड़े प्रावधानों में संशोधन और अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) भुगतान की समयसीमा जैसी अहम बातें शामिल हैं।
भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में यूपीआई के जरिए कुल 23.20 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
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