जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा बिहार का मोहम्मद जफर गिरफ्तार, मेरठ मदरसे के

मेरठ, 18 अगस्‍त । यूपी एटीएस ने बिहार के रहने वाले मोहम्मद जफर को जैश-ए-मोहम्मद से संबंध होने के आरोप में हापुड़ से गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि वह मस्जिद बनाने के लिए चंदा इकट्ठा करता था और उस पैसे को संगठन को भेज देता था।

बताया जा रहा है कि उसके मोबाइल में पाकिस्तान स्थित भारत विरोधी समूहों से जुड़ी जानकारी थी। जफर ने भारत में जिहाद को बढ़ावा देने की बात कही थी और इससे पहले मेरठ के एक मदरसे में पांच साल तक पढ़ाई की थी।

मदरसे के प्रिंसिपल मोहम्मद रिजवान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि जफर के बारे में ऐसा सोचा भी नहीं था, लेकिन संस्‍था छोड़ने के बाद कौन किस गतिविधि में संलिप्‍त हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।

मोहम्मद रिजवान ने कहा कि मोहम्‍मद जफर ने मेरठ के एक मदरसे में लगभग पांच साल तक पढ़ाई की थी और 2022 में वह 10वीं कक्षा में फेल हो गया था। इसके बाद वह मदरसे से चला गया। अब क्‍या कर रहा है इसकी जानकारी नहीं मिली। हमें बस इतनी जानकारी मिली थी कि वह बिहार के पूर्णिया का रहने वाला है।

रिजवान ने बताया कि उसने साल 2018 में एडमिशन लिया था, हालांकि उसने 20-21 के सत्र में वह ड्रॉप कर दिया था। इसके बाद दोबारा आया साल 2022 में वह चला गया। इसके बाद की गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

मोहम्मद रिजवान कहते हैं, "हमें उसके बारे में किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं थी। जब वह आया था तो वह 9वीं कक्षा में था और 10वीं में फेल हो गया। अगले साल वह फिर से 10वीं में फेल हो गया और फिर उसके अगले साल उसने दोबारा 10वीं में एडमिशन लिया। उस समय उसका व्यवहार बिल्कुल सामान्य था। हम सोच भी नहीं सकते थे कि ऐसा कुछ हो सकता है। उसका कद-काठी भी सामान्य थी। उस समय वह बहुत छोटा और काफी दुबला-पतला था।"

रिजवान ने बताया कि अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो यह बहुत निंदनीय विषय होगा। मदरसे जैसी संस्‍थाएं किसी की सोच के बारे में क्‍या कर सकती है। आने वाले समय में कोई किसी तरह की गतिविधियों में लिप्‍त हो जाता है,ऐसे में संस्‍था क्‍या कर सकती है।

Source: IANS

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