अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने चलाया अभियान, 43 जगहों

नई दिल्ली, 19 सितंबर । दिल्ली के द्वारका की पुलिस ने जिले में अवैध रूप से रह रहे और वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी रुके हुए विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों ने 43 जगहों पर 40 विदेशी नागरिकों की जांच की और 10 लोगों को देश से वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

यह अभियान द्वारका जिले के डीसीपी (आईपीएस) कुशल पाल सिंह की देखरेख में चलाया गया। इसका मकसद गैर-कानूनी तरीके से रह रहे या तय समय से ज्यादा समय तक रुके विदेशी नागरिकों की पहचान करना, उनके इमिग्रेशन स्टेटस की जांच करना, आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों का पता लगाना और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर उचित कानूनी कार्रवाई करना था।

इस ऑपरेशन के तहत द्वारका जिले के सभी पुलिस स्टेशनों और स्पेशल यूनिट्स के पुलिसकर्मियों को मिलाकर 25 खास टीमें बनाई गईं। इन टीमों को जिले में तय समय से ज्यादा समय तक रुके विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उनका पता लगाने, साथ ही दर्ज आपराधिक मामलों में शामिल विदेशी नागरिकों के स्टेटस की जांच करने का काम सौंपा गया।

टीमों ने स्थानीय खुफिया जानकारी, फील्ड वेरिफिकेशन और सर्विलांस इनपुट के आधार पर चिन्हित जगहों और छिपने के ठिकानों पर एक साथ तलाशी और वेरिफिकेशन अभियान चलाया।

इस अभियान के दौरान कुल 150 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और 43 जगहों व छिपने के ठिकानों की तलाशी ली गई। हिरासत में लिए गए और वेरिफाई किए गए 40 विदेशी नागरिकों में से 30 पुरुष और 10 महिलाएं थीं।

वेरिफाई किए गए लोगों में 31 नाइजीरियाई नागरिक थे, जिनमें 28 पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थीं। अधिकारियों ने चार युगांडा के नागरिकों की भी जांच की, जो सभी महिलाएं थीं। तंजानिया के तीन नागरिकों की भी जांच की गई, जो सभी महिलाएं थीं।

अभियान के दौरान आइवरी कोस्ट के दो नागरिकों की भी जांच की गई, जो दोनों पुरुष थे। एक की पहचान आइवरी कोस्ट के नागरिक के तौर पर हुई, जबकि दूसरे को आइवरी कोस्ट (अबिदजान) का नागरिक बताया गया।

ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने डिपोर्टेशन (देश से वापस भेजने) की प्रक्रिया के लिए 10 विदेशी नागरिकों की पहचान की। इनमें नाइजीरिया के पांच, युगांडा के चार और तंजानिया का एक नागरिक शामिल था। डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के लिए लिए गए 10 लोगों में से छह महिलाएं और चार पुरुष थे।

द्वारका जिला पुलिस ने कहा कि इस खास अभियान का मकसद इलाके में रह रहे विदेशी नागरिकों के वेरिफिकेशन को मजबूत करना और गैर-कानूनी तरीके से या तय समय से ज्यादा समय तक रुके लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करना है। पुलिस ने कहा कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर आगे की जरूरी कार्रवाई कर रहे हैं।

Source: IANS

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