हेल्थ एंड फिटनेस - पेज 67
योगासन बच्चों की शारीरिक और मानसिक गतिविधि को बढ़ाते हैं और शरीर को लचीला और विकसित बनाने में मदद करेंगे।
इसे बनाने के लिए कोई झंझट नहीं बल्कि यह बेहद आसान है। इसके लिए रात में तुलसी के पत्ते और अदरक को गर्म पानी में भिगोकर रखें, सुबह खाली पेट पी लें।
आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि इस समय बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और गले की परेशानी बढ़ सकती है।
साधारण लेकिन बहुत प्रभावी ड्रिंक वेलनेस रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।
हेल्दी ड्रिंक के रोजाना सेवन से वजन कंट्रोल, मेटाबॉलिज्म बेहतर और सेहत में सुधार होता है, हालांकि डायबिटीज या एसिडिटी वाले लोगों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
2 फरवरी से फाल्गुन मास का महीना शुरू हो चुका है, जो मार्च तक चलने वाला है। इस ऋतु में पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवा रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव डालती है
यह आसन धनुरासन का आसान रूप है, जो शरीर को धनुष की तरह आकार देता है। यह न केवल रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है, बल्कि पाचन तंत्र को बेहतर करने, तनाव कम करने और स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करता है।
सौंफ पाचन तंत्र के लिए एक प्राकृतिक सहायक के रूप में जानी जाती है। इसे पीने से पेट की कई आम परेशानियां जैसे दर्द, सूजन और गैस में काफी राहत मिल सकती है।
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में कफ दोष बढ़ने पर तैलीयपन ज्यादा हो जाता है। यही कफ दोष स्कैल्प में अतिरिक्त तेल बनाने लगता है, जिससे बाल भारी, चिपचिपे और बेजान नजर आने लगते हैं।
आयुर्वेद में इसे शरीर में वात की वृद्धि और नींद की कमी से जोड़कर देखा गया है। जब शरीर में वात की वृद्धि होती है तो नींद प्रभावित होती है और नींद की कमी पूरे तंत्रिका-तंत्र को प्रभावित करती है
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