नीट पेपर लीक केस में अब तक 9 गिरफ्तारी, सीबीआई ने बायोलॉजी लेक्चरर को

नई दिल्ली, 16 मई । नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। अब इस मामले में एक और बड़ी गिरफ्तारी हुई है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एक बायोलॉजी लेक्चरर को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस हाई प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इससे पहले सीबीआई ने इस मामले के मास्टरमाइंड और केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी लंबे समय से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे और उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी।

सीबीआई के अनुसार, अप्रैल के आखिरी सप्ताह में पीवी कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर छात्रों को जोड़ना शुरू किया था। मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि पुणे स्थित कुलकर्णी के घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास चलाई जाती थी। इन क्लासों में छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब डिक्टेट किए जाते थे, जिन्हें वे अपनी कॉपियों में लिखते थे।

जांच एजेंसी का कहना है कि छात्रों की नोटबुक में लिखे गए सवाल 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं। कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाले हैं। फिलहाल उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ले जाया गया और वहां से दिल्ली लाया जा रहा है।

सीबीआई ने बताया कि इस मामले में पहले जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 5 आरोपी पहले ही 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजे जा चुके हैं, जबकि बाकी आरोपियों को भी ट्रांजिट रिमांड के जरिए दिल्ली लाया जा रहा है।

पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में कई जगह छापेमारी की है। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं। अब इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे मिलकर एक संगठित सिंडिकेट चला रहे थे। यह नेटवर्क छात्रों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति के आधार पर उन्हें निशाना बनाता था। कई जगहों पर सेमिनार आयोजित किए गए और पुराने छात्रों, खासकर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले युवाओं को एजेंट बनाया गया।

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब लातूर के कुछ अभिभावकों ने शिकायत की कि एक कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट में पूछे गए 42 सवाल नीट यूजी परीक्षा के असली पेपर से हूबहू मेल खाते थे। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।

अब सीबीआई पीवी कुलकर्णी से उन सभी परीक्षा पत्रों को लेकर पूछताछ कर रही है, जिन्हें उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान तैयार किया था। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को शक है कि उनका संबंध नीट 2024 पेपर लीक समेत कई अन्य मामलों से भी हो सकता है।

Source: IANS

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