हेल्थ एंड फिटनेस - पेज 15
-
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खानपान की वजह से कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। ऐसे में खुद को तरोताजा और फिट रखने के लिए योग से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
-
गौतमबुद्धनगर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के करीब 120 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
-
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नशा मुक्ति को लेकर एक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत हेल्पलाइन नंबर 14446 जारी करते हुए मंत्रालय ने कहा, "नशे को ना कहने, जागरूकता फैलाने और नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने की शपथ लें।
-
भारतीय योग संस्कृति में ताड़ासन को सभी आसनों का आधार माना जाता है। इस आसन में शरीर को ताड़ के वृक्ष की तरह सीधा और संतुलित रखा जाता है।
-
रसोई में खट्टापन घोलने वाली इमली सिर्फ स्वाद नहीं बढ़ाती, बल्कि सेहत का खजाना भी है। टैमारिंडस इंडिका वैज्ञानिक नाम वाली इमली में विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और आयरन भरपूर मात्रा में होते हैं।
-
दिल्ली में बदलते मौसम के साथ वायरल इंफेक्शन का मामला भी लगातार बढ़ रहा है। इसी को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि एच1एन1 एक मौसमी फ्लू है, जिसे आमतौर पर खांसी-जुकाम कहते हैं।
-
रोते हुए किसी को देखकर हम अक्सर मान लेते हैं कि वह बहुत कमजोर है या अपनी इमोशन्स को संभाल नहीं पा रहा। खासकर बचपन से हमें कई बार कहा जाता है कि 'रोओ मत, मजबूत बनो', लेकिन सच यह है कि रोने से शरीर और मन पर इसके कुछ अच्छे असर भी हो सकते हैं।
-
खट्टा-मीठा स्वाद और औषधीय गुणों से भरपूर करौंदा (कैरिसा कैरेंडस) भले ही एक छोटा सा जंगली फल हो, लेकिन सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गुच्छों में लगने वाला यह फल आमतौर पर अचार, चटनी और मुरब्बे में इस्तेमाल होता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों का प्राकृतिक इलाज माना गया है।
-
गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब स्कूल प्रबंधन भी सतर्क हो गए हैं। बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिले के कई स्कूलों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
-
सुबह उठते ही ब्रश करना और फिर मुंह की ताजगी के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल करना अब कई लोगों की रोज की आदत बन चुका है। कुछ लोग इसे सांसों की बदबू दूर रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ को लगता है कि माउथवॉश करने से दांत और मसूड़े ज्यादा साफ रहेंगे।
ट्रेडिंग न्यूज
Stay Connected
मोस्ट व्यूज न्यूज
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.