हेल्थ एंड फिटनेस
2 फरवरी से फाल्गुन मास का महीना शुरू हो चुका है, जो मार्च तक चलने वाला है। इस ऋतु में पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवा रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव डालती है
यह आसन धनुरासन का आसान रूप है, जो शरीर को धनुष की तरह आकार देता है। यह न केवल रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है, बल्कि पाचन तंत्र को बेहतर करने, तनाव कम करने और स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करता है।
सौंफ पाचन तंत्र के लिए एक प्राकृतिक सहायक के रूप में जानी जाती है। इसे पीने से पेट की कई आम परेशानियां जैसे दर्द, सूजन और गैस में काफी राहत मिल सकती है।
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में कफ दोष बढ़ने पर तैलीयपन ज्यादा हो जाता है। यही कफ दोष स्कैल्प में अतिरिक्त तेल बनाने लगता है, जिससे बाल भारी, चिपचिपे और बेजान नजर आने लगते हैं।
आयुर्वेद में इसे शरीर में वात की वृद्धि और नींद की कमी से जोड़कर देखा गया है। जब शरीर में वात की वृद्धि होती है तो नींद प्रभावित होती है और नींद की कमी पूरे तंत्रिका-तंत्र को प्रभावित करती है
यह योग अभ्यास विशेष रूप से कंधों, बाहुमूल और ऊपरी शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ना, मधुमेह, मोटापा, जोड़ों का दर्द और दिल की बीमारियों की शुरुआत है।
आयुर्वेद के अनुसार, हरा चना त्रिदोष संतुलन में सहायक माना जाता है। खासतौर पर यह पित्त और कफ दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है।
गहरी सांस या डीप ब्रिदिंग एक आसान और प्राकृतिक तरीका है, जिसे रोजाना सिर्फ 5 मिनट करके आप पूरे दिन सुकून और एनर्जी से भरपूर रह सकते हैं।
यह आसन पद्मासन की स्थिति में हाथों के बल पर पूरा शरीर जमीन से ऊपर उठाने वाला एक शक्तिशाली आसन है, जो हाथों, कंधों, कोर और पूरे शरीर की ताकत को बढ़ाता है।
ट्रेडिंग न्यूज
मोस्ट व्यूज न्यूज
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.


