Uttarakhand - Page 9
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धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के एक वर्ष बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों ने नई गति पकड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन तथा जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, आवास, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं की बहाली का लाभ लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है।
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सावन के पवित्र महीने के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। उत्तराखंड के हरिद्वार से लेकर उत्तर प्रदेश के अयोध्या, हापुड़ और ग्रेटर नोएडा तक, वहीं दिल्ली के प्रमुख शिवालयों में भी सुबह तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
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कांवड़ यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही, उत्तराखंड के हरिद्वार में अधिकारियों ने साफ-सफाई, सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन के बड़े इंतजाम किए हैं। इसका मकसद सालाना यात्रा को सुचारू रूप से चलाना और पवित्र शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और परेशानी-मुक्त अनुभव देना है।
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देहरादून की शिक्षिका सृष्टि कंडारी के प्रकरण पर उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटनाक्रम को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
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सावन के महीने में किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए? जानिए मांसाहार, प्याज-लहसुन, तला-भुना भोजन और अन्य खाद्य पदार्थों से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं, आयुर्वेदिक कारण और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव।
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उत्तराखंड के इस प्रसिद्ध मंदिर में देवी की प्रतिमा दिन में तीन बार अलग-अलग स्वरूप में दर्शन देती है। जानिए मंदिर का धार्मिक महत्व, पौराणिक मान्यताएं और इस अद्भुत चमत्कार से जुड़ी पूरी जानकारी।
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सावन के पवित्र महीने में बड़े धूम-धाम से श्रद्धालु शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। जबकि देशभर से श्रद्धालु सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में इकट्ठा हो रहे हैं।
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हरिद्वार के ज्वालापुर में जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान के दौरान एक साथी को बचाने के प्रयास में चार कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। सभी मृतक चंडीगढ़ के निवासी थे। पुलिस ने सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील की।
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लगातार हो रही बारिश के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर बंद हो गया है। चमोली जिले में पागल नाला के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से सड़क पूरी तरह बाधित है।
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उत्तराखंड सरकार ने अगले 6 माह के लिए एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। इस अवधि में सरकारी कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकेंगे। सरकार ने आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने और जनहित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
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